| हम त बैन बैशलो शराबी की करू / |
| और कनियाँ स जुदा हम कि रहु // |
| जिन्दगी बाकी या आब त थोरे दिन / |
| दुनू तरप जरैत देह अछी की करू // |
| कनियाँ ल क आबी गेलैथ हन शीशा / |
| लेकिन हम खुदस हारल छी की करू // |
| छल कहाँ नाव दुबाबे के गप्प / |
| हम त अंधी के हवा छी की करू // |
| टुकरा में बैट गेल हमर के पहचान / |
| हम त टुटल शीशा छी की करू // |
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